शुक्रवार, अक्टूबर 07, 2011

कविता के नाम पर


"सिर्फ़ एक अंतिम कविता" के नाम पर !
दस कवितायें और सुना दीं शाम पर !!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें