” जाने वो कैसे लोग थे जिनके, प्यार को प्यार मिला…. ! ”
हमको तो जो भी प्यार मिला, इतना बेकार मिला !!
पता क्या है कि ज़न्नत में, क्या नज़्ज़ारे मिलेंगे ?
ज़हन्नुम में चलेंगे, दोस्त भी सारे मिलेंगे !!
हम सबके अन्दर का रावण, केवल यही सिद्ध करता है !
चाहें कितनी बार जला दो, रावण कभी नहीं मरता है !!
ताकि नेता देश के, आयें पूछने हाल !
भूखों ने ऐसे रखी, आज भूख-हड़ताल !!
इतनी आँखों में, बस गई हो तुम !
कि हमेशा को, फँस गई हो तुम !!