बोलती हैं तस्वीरें
सिर्फ़ दो पंक्तियों के माध्यम से सम्बंधित चित्र को जीवंत बनाने की एक कोशिश.
रविवार, अक्टूबर 09, 2011
साले नहीं रहे
जिस दिन से घर जमे थे जो, साले नहीं रहे !
घर की किसी भी चीज में, ताले नहीं रहे !!
हमें वो मत समझियो
हमें वो मत समझियो, जो किसी से खौफ़ खाते हैं !
जहाँ नौबत पड़ी भी, हम वहाँ से भाग जाते हैं !!
बच्चे हिंदुस्तान के !!
इनकी ताक़त कम ना समझें, छोटा बच्चा जान के !
पत्थर को भी चटका दें ये, बच्चे हिंदुस्तान के !!
बुद्धन, मंदिर और पिटाई !!
जो बुद्धन रोज मंदिर जा रहे हैं !
किसी लड़की से पिटकर आ रहे हैं !!
कलम उठाकर हाथ
जब कोई बन्दूक भी, दे ना अपना साथ !
शब्द-युद्ध जारी रखें, कलम उठाकर हाथ !!
वादों पर आराम
संसद में चुनकर गयी, वादे आये काम !
करे गिलहरी अब इन्हीं, वादों पर आराम !!
अजगर नेता
सोने की चिड़िया अगर, मुल्क पुनः कहलाय !
हर नेता अजगर बनै, निगल उसे यूं जाय !!
नेता, कउए, गिद्ध !!
सारे प्राणी जानते, नेता, कउए, गिद्ध !
"घर का जोगी जोगिया, अन्य गाँव का सिद्ध !!"
अश्वमुखी बीवी की करवट
अपनी किस्मत को चादर में, मुंह ढककर ही रोता होगा !
अश्वमुखी बीवी हो जिसकी, किस करवट को सोता होगा ??
हंसने में भी कंजूसी
मेरे पापा हंसने में भी, तो कंजूसी करते हैं !
करके हंसी, दिखानी हो तो, ऐसे मुंह सी करते हैं !!
पड़ोसन का अहसास
जब भी कभी पड़ोसन हमसे, मिलने को घर आती है !
जो अहसास हमें मिलने थे, बेटे को दे जाती है !!
रस्तों की दुश्वारियां
रस्तों की दुश्वारियां, क्या देखें हम, यार ?
सफ़र शेष जितना रहा, होगा वह दुश्वार !!
खेती को जगह
जब खेती को, जगह नहीं मिल पाएगी !
तो फिर खेती, कहां कराई जायेगी ??
बर्गर के साथ कोक
जब बर्गर के साथ, कोक मिल जाएगा !
क्यों घर जाकर, रोटी कोई बनाएगा ??
शादी का लड्डू
लड्डू शादी का रखा, खाएं या ना खाएं !
पछताना दोनों तरह, तो क्यों ना खा जाएं ??
मोबाइल पर डार्लिंग
मोबाइल पर हो रही, साधू की यह बात !
सुनो डार्लिंग, कुम्भ पर, आ जाना कल रात !!
लालू शतक बनायेंगे
देखें,शरमा जाएं सब, सचिन और सहवाग !
लालू शतक बनायेंगे, राजनीति को त्याग !!
महंगाई में
भोजन तक महंगाई में, हुआ नहीं जब प्राप्त !
कौकरोच ने कर लिया, जीवन स्वयं समाप्त !!
काटने का सबक
काटने का, यूं सबक सिखलाऊंगा !
आज चाकू, काटकर खा जाऊंगा !!
बिन भागे तक़दीर
तोंद मिली जब तोंद से, बात हुई गंभीर !
बिन भागे मुल्ज़िम मिलें, तो समझो तक़दीर !!
पीसा-मीनार
कल्पनाओं के जब कभी, जोड़े हमने तार !
पता चला टेढ़ी हुई, यूं पीसा-मीनार !!
आसमान में ऐसे उड़ना
आसमान में ऐसे उड़ना, लगता है आसान मगर !
तब क्या होगा, छाता उल्टा, तेज़ी से हो गया अगर ??
भ्रम या कुछ और ??
भ्रम पैदा होता यहां, अगर करें हम गौर !
क्या दो बूढ़े लोग हैं, या निर्मित कुछ और ??
टंकी फुल
वो जो पैट्रोल के, पाइप को लेके जा रहा होगा !
किसी के पम्प पर, टंकी को फुल करवा रहा होगा !!
पापा की तरह जियें ??
हम वो बच्चे नहीं रहे अब, जो सिंथैटिक दूध पियें !
पापा की बोतल से लेकर, क्यों ना उनकी तरह जियें ??
रिश्तों के बीच
भाई उछाले भाई पर, आरोपों की कीच !
दीवारें खींचने लगीं, अब रिश्तों के बीच !!
हाथ में लिखा था
हमारे हाथ में, जो भी लिखा था !
हमें कुर्सी के, मिलने पर दिखा था !!
कैसा है इंसान ?
बैल सोचता चल रहा, कैसा है इंसान ?
यही ग़नीमत, ना चला, अपना लाद मकान !!
बुत बोला, नामुमकिन था !!
जिस दिन बीट नहीं की हम पर, ऐसा कोई नहीं दिन था !
बुत बोला, कच्छे पहने, होते, तो यह नामुमकिन था !!
जहां पहिये चुर जाते हैं
जहां पुलिस की खड़ी गाड़ियों, के पहिये चुर जाते हैं !
ऐसे मुल्कों में जाने से, सैलानी घबराते हैं !!
घर पे मूंछ
जो घर पे मूंछ, यूं दिखला रहे हैं !
कहीं बाहर से, पिटकर आ रहे हैं !!
सौ रुपये की गाज़रें
सब्जियों की कीमतें, यूं बढ़ रही हैं !
सौ रुपये की गाज़रें यूं पड़ रही हैं !!
महंगाई
महंगाई ने कर दिया, सूक्ष्म बहुत आहार !
देशी घी को सूंघकर, तृप्त हुए परिवार !!
पीछे है बन्दूक
उलझन में हैं, बोल दें, या हों जाएं मूक !
आगे काफी प्रश्न हैं, पीछे है बन्दूक !!
अगर कबूतर कच्छे पहनें......
कुछ सुझाव ऐसे होते हैं, जिनसे पीठ नहीं फिर सकती !
अगर कबूतर कच्छे पहनें, सिर पर बीट नहीं गिर सकती !!
कपटी मन
शादी या मोबाइल हेतु,, कपटी मन
यह समझाता है !
कुछ दिन और रुकें तो इससे, बैटर मॉडल मिल जाता है !!
संसद, नेता, गिद्ध !!
संसद में कैसे करें, नेता ख़ुद यह सिद्ध ?
कहाँ गये इस मुल्क़ का, माँस नोंचते गिद्ध ??
चारा खाने वाले लालू
चारा खाने वाले लालू, बोल रहे हैं संसद में !
भ्रष्टाचार मिटाने वाले, सीमित हों अपनी हद में !!
ताले के खर्चे
वाहन-चोर इसे लेने को, जब भी आगे आएगा !
इसमें ताले के खर्चे की, सोच, नहीं ले जाएगा !!
डायबिटीज़ में मीठे सपने
कहा डॉक्टर ने, "मीठापन, इस बीमारी का घर है !
डायबिटीज़ में मीठे सपने, भी ना देखें, बेहतर है !!"
दीवाली में अली छिपे हैं
भइयों को लड़वाने वाले, इतना रक्खें ध्यान में !
दीवाली में अली छिपे हैं, राम छिपे रमजान में !!
बल्ले के उपयोग
क्रिकेट में होते कई, बल्ले के उपयोग !
हार जाएं तो मार दें, सिर पर उसको लोग !!
मौसमी ने यह कहा
जूस बन जाने से पहले, मौसमी ने यह कहा-
"हस्तियां सारी बनी हैं, सिर्फ़ मिटने के लिए !"
मूँछें क्या कर लेंगी ??
बतला, जो मूँछें रक्खी हैं, क्या ये किसी काम की हैंगी ?
अगर सामने शेर आ गया, तो ये मूँछें क्या कर लेंगी ??
भाषण देने लगा टमाटर
लोग हमें मंहगे दामों में, बेच रहे हैं दाम बढाकर !
भेड़ों सी गोभी के आगे, भाषण देने लगा टमाटर !!
ख़बरदार !!
अपने कटने पर तरबूजा, गुस्से में आकर यह बोला-
"ख़बरदार, जो अगर किसी ने मुझे हड़पने को मुंह खोला !!"
फ़िल्में ग्राम-सुधार की !!
बीच-बीच में सीडी देखें, ताऊ, जवानी, प्यार की !
वरना लैपटौप पर देखें, फ़िल्में ग्राम-सुधार की !!
दिल तो अभी जवान है !!
जिसे नहीं सौभाग्य मिला यह, वह सचमुच हैरान है !
मुंह में दाँत नहीं हैं, तो क्या, दिल तो अभी जवान है !!
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)