बोलती हैं तस्वीरें
सिर्फ़ दो पंक्तियों के माध्यम से सम्बंधित चित्र को जीवंत बनाने की एक कोशिश.
गुरुवार, अक्टूबर 06, 2011
भूखे बच्चों की खुशियों को.......
भूखे बच्चों की खुशियों को, उसने यह भी काम किया !
हुनरों की मंडी में अपना, गुर्दा भी नीलाम किया !!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें