बोलती हैं तस्वीरें
सिर्फ़ दो पंक्तियों के माध्यम से सम्बंधित चित्र को जीवंत बनाने की एक कोशिश.
रविवार, अक्टूबर 09, 2011
डायबिटीज़ में मीठे सपने
कहा डॉक्टर ने, "मीठापन, इस बीमारी का घर है !
डायबिटीज़ में मीठे सपने, भी ना देखें, बेहतर है !!"
दीवाली में अली छिपे हैं
भइयों को लड़वाने वाले, इतना रक्खें ध्यान में !
दीवाली में अली छिपे हैं, राम छिपे रमजान में !!
बल्ले के उपयोग
क्रिकेट में होते कई, बल्ले के उपयोग !
हार जाएं तो मार दें, सिर पर उसको लोग !!
मौसमी ने यह कहा
जूस बन जाने से पहले, मौसमी ने यह कहा-
"हस्तियां सारी बनी हैं, सिर्फ़ मिटने के लिए !"
मूँछें क्या कर लेंगी ??
बतला, जो मूँछें रक्खी हैं, क्या ये किसी काम की हैंगी ?
अगर सामने शेर आ गया, तो ये मूँछें क्या कर लेंगी ??
भाषण देने लगा टमाटर
लोग हमें मंहगे दामों में, बेच रहे हैं दाम बढाकर !
भेड़ों सी गोभी के आगे, भाषण देने लगा टमाटर !!
ख़बरदार !!
अपने कटने पर तरबूजा, गुस्से में आकर यह बोला-
"ख़बरदार, जो अगर किसी ने मुझे हड़पने को मुंह खोला !!"
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