शख्स बहुत अच्छा था, वो जो, दुनिया से मुंह मोड़ गया !
दारू, बंगले, कारें, बीमे, बीवी-बच्चे छोड़ गया !!
भूखे बच्चों की खुशियों को, उसने यह भी काम किया !
हुनरों की मंडी में अपना, गुर्दा भी नीलाम किया !!
किसी पे वक़्त कहां है, किसी की सुनने का ?
अपने हालात सुनाओ, तो शब्द कम कहना !!
सुकून ओढ़ता जिसको, वो शरम होती है !
ठंड में पाँव की, चप्पल भी गरम होती है !!
दारू दुश्मन है इन्सां की', इसको सब स्वीकार करें !
मगर बाइबिल तो कहती है,"दुश्मन से भी प्यार करें !!"
डेस्कटॉप जब बना लिया है, हमने इस आकार में !
लैपटॉप लेने में पैसा, क्यूं खर्चें बेकार में ??
जहाँ बाँटते हैं वोटर को, नेता नफ़रत, द्वेष में !
अपना बेटा कृष्ण बनाया, रज़िया ने उस देश में !!